
देश में लगातार बढ़ रही गर्मी के चलते मैदानी इलाकों से पर्यटक हिमाचल की ओर रुख कर रहे हैं लेकिन यहां उनकी मस्ती लोगों के जीवन पर भारी पड़ सकती है. जिस अश्वनी खड्ड से सोलन शिमला और सिरमौर को पानी की सप्लाई पीने के लिए की जाती है उस खड्ड में लोग आराम फरमाते, गंदगी फैलाते हुए नजर आए. स्थानीय लोगों का कहना है कि सोलन शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली अश्विनी खड्ड पेयजल योजना अब गंभीर खतरे में है. प्रशासन ने कई बार धारा 144 लगाकर अश्विनी नदी के किनारे पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाई है, बड़े-बड़े बोर्ड भी लगे हैं. लेकिन रोज सैकड़ों पर्यटक आदेशों को ठेंगा दिखाकर नदी में उतर रहे हैं.कई बार प्रशासन ने लगाई धारा 144स्थानीय लोगों का कहना है कि सोलन शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली अश्विनी खड्ड पेयजल योजना अब गंभीर खतरे में है. साधुपुल के पास बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक नदी में स्नान, पिकनिक और हुड़दंग कर जमकर गंदगी फैला रहे हैं. प्लास्टिक, खाने की बची चीजें और कचरा सीधे नदी में फेंका जा रहा है, जिससे पूरा सोलन शहर दूषित पानी पीने को मजबूर हो सकता है. प्रशासन ने कई बार धारा 144 लगाकर अश्विनी नदी के किनारे पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाई है.नदी दूषित हुई तो प्रभावित होंगे 50 से ज्यादा लोगबड़े-बड़े बोर्ड भी लगे हैं, लेकिन साधुपुल के तटों पर रोज सैकड़ों पर्यटक आदेशों को ठेंगा दिखाकर नदी में उतर रहे हैं. न ही कोई रोकने वाला है न ही टोकने वाला, ऐसे में स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बता दें कि अश्विनी खड्ड से ही सोलन शहर के 60% हिस्से को पेयजल सप्लाई होता है. अगर नदी दूषित हुई तो 50 हजार से ज्यादा लोग सीधे प्रभावित होंगे. जल शक्ति विभाग के अफसरों ने भी माना है कि E.coli और बैक्टीरिया का खतरा बढ़ रहा है. एसडीएम कंडाघाट गोपाल शर्मा ने कहा कि पुलिस समय-समय पर साधुपुल अश्विनी खड्ड के किनारे गश्त करती है, लेकिन पर्यटक फिर भी मनमानी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसको लेकर लिखित आदेश और होर्डिंग भी लगाए गए हैं कि नदी में कोई भी पर्यटक और व्यक्ति प्रवेश नहीं करेगा, लेकिन बार-बार ऐसा हो रहा है. इसको लेकर सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को भी यहां पर गश्त करने के निर्देश जारी किए जाएंगे.
