
हरियाणा के करनाल, जींद, महेंद्रगढ़, भिवानी और चरखी दादरी जिले का बड़े क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से बाहर निकल सकता है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 16 जून को होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी।राष्ट्रीय राजधानी से 100 किलोमीटर परिधि से बाहर के जिलों को एनसीआर से बाहर करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल (वर्तमान में केंद्रीय ऊर्जा तथा आवास एवं शहरी मामले मंत्री) ने प्रयास शुरू किए थे, जिस पर अगले सप्ताह होने वाली बैठक में बात आगे बढ़ सकती है।
रीजनल प्लान-2041 के तहत एनसीआर सीमा को नए सिरे से तय करने का प्रस्ताव है।एनसीआर की सीमा दिल्ली से 100 किलोमीटर के दायरे तक सीमितहरियाणा सरकार के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली तो राज्य का एनसीआर क्षेत्र करीब 60 प्रतिशत तक सिमट सकता है। बैठक के मसौदे में प्रस्ताव है कि एनसीआर की सीमा दिल्ली के राजघाट से 100 किलोमीटर के दायरे तक सीमित की जाए। अभी हरियाणा के 14 जिले किसी न किसी रूप में एनसीआर का हिस्सा हैं, जिसका कुल क्षेत्रफल 25 हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक है।
नए फार्मूले के लागू होने पर यह क्षेत्र घटकर करीब 10.5 हजार वर्ग किलोमीटर तक रह सकता है।
