
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश सरकार हाईएंड पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रदेश के विभिन्न भागों में हेलिपोर्ट निर्मित कर रही है। इस वर्ष जून तक पालमपुर, हमीरपुर, धर्मशाला और चंबा हेलीपोर्ट में हवाई सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने बॉर्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए रिकांगपिओ हेलिपोर्ट के लिए हवाई सेवाएं शुरू कर दी हैं। इससे एयर कनेक्टिविटी में सुधार आएगा। शिमला में पर्यटन कारोबारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह बात कही।मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से शिमला में बड़े हेलिकॉप्टर की सेवाएं शुरू करने के बारे में भी अनुरोध किया है, लेकिन संजौली हेलिपोर्ट में समस्या के कारण इसके लिए अन्य स्थान पर भूमि का चयन किया जा रहा है। कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 3500 करोड़ रुपये से भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है तथा इस वर्ष जून तक भूमि अधिग्रहण पूरा हो जाएगा। इसके बाद कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर भुंतर एयरपोर्ट के पास रहने वाले लोग जमीन दें तो सरकार इस एयरपोर्ट के विस्तार पर भी विचार कर सकती है।उन्होंने कहा कि कुल्लू, मनाली तथा लाहौल-स्पीति के लिए इस एयरपोर्ट से पर्यटकों की सुविधा के लिए जोगिंद्रनगर से भुभूजोत टनल बनाई जाएगी। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस वित्त वर्ष के दौरान नयना देवी, ज्वालाजी तथा चिंतपूर्णी शक्तिपीठों के विकास पर 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शिमला के आइस स्केटिंग रिंक के पास की जमीन का अधिग्रहण करने की भी योजना है, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर निर्मित किया जा सकेगा। इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम, महाधिवक्ता अनूप रतन, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल वालिया तथा अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।पर्यटन में निवेश को आगे आएं निवेशक, सरकार करेगी सहयोगसुक्खू ने निवेशकों से आग्रह किया कि वह पर्यटन क्षेत्र में निवेश करने के लिए आगे आएं। सरकार उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार उनकी समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।
